

संस्कार दिये बिना…
सुविधायें देना…
पतन का कारण है…!
दो बातों पर नियंत्रण होना जरूरी है…
आमदनी प्रर्याप्त ना हो…
तो खर्चों पर
और…
जानकारी प्रर्याप्त न हो…
तो शब्दों पर।
हम सबकी प्रतिभा बराबर नहीं है
लेकिन हम सबके पास हमारी प्रतिभा को विकसित करने के लिए एक समान अवसर है।
अतः ध्यान रहे जेसे गोल्ड को गरम कर ठोक ठोक कर आभूसण बनाया जाता हे वेसे ही परीवार के यंग सदस्यों को जब तक दुनियादारी अवम समज का सम्पूरन ध्यान ना हो तब तक बचों को पावर लिमटेड देना चाईये । परीवार में योग्यताओं के अनुसार चयन करना चाईये ।अगर सही निरणय नही कर पाये तो जीवन में बिन बुलाई समस्यो का आगमन हो जायेगा ।
आपका सही निरणय ही सुखी ओर सफलता देगा अतः परीवार हितों को ध्यान रखते मोह को त्याग करे ।।