व्यंग और आलोचना
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प्रयत्न करते रहना
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प्रयत्नशील रहें

🌴प्रयास जीवन में लक्ष्य प्राप्ति की प्रथम शर्त है। जितना बड़ा लक्ष्य होगा प्रयास भी उसी अनुपात में होना चाहिए। इसलिए बड़े लक्ष्य को पाना हो तो आपका प्रयास भी बड़ा ही होना चाहिए। 🙏लक्ष्य की दिशा में बढ़ते हुए परीक्षा दूसरा सोपान है। सफलता का कोई बाईपास नहीं होता, वो तो सीढ़ी दर सीढ़ी ही चढ़कर ही प्राप्त करनी होती है। लक्ष्य प्राप्ति में आने वाली विघ्न - बाधाएं ही आपकी परीक्षा है। 🙏तितिक्षा अर्थात धैर्य आपके लक्ष्य की दिशा में बढ़ते हुए तीसरा प्रमुख सोपान है। प्रयास और परीक्षा के बाद यदि धैर्य का दामन नहीं थामा गया तो सागर के बहुत करीब पहुँचने के बाद भी आपको प्यासा लौटना पड़ेगा। धैर्य ही तो वो ऊर्जा है जो अनेक कठिनाइयों के बावजूद भी किसी व्यक्ति को उसके लक्ष्य की ओर निरंतर गतिमान रखता है। तितिक्षा ही तो जीवन की परीक्षा में डटे रहने का सामर्थ्य प्रदान करती है। 🙏श्रेष्ठ के लिए सदा प्रयत्नशील रहें, कठिन से कठिन चुनौतियों का सामना करने के लिए सदा ऊर्जावान रहें और प्रत्येक विषम से विषम परिस्थितियों में भी धैर्यवान बने रहें, यकीन मानिएगा एक दिन लक्ष्य आपकी मुट्ठी में होगा। आप श्रेष्ठ संकल्प के साथ जीना तो सीखिए! JAI HIND । DESH PRATHAM

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